Breaking News

मेरी जवान मौसी की अन्तर्वासना

 

मेरी जवान मौसी की अन्तर्वासना

मौसी सेक्स कहानी में मेरी जवान मौसी ने मुझे सुलाकर मेरे लंड को अपनी चूत में घुसवाया. मैं सोने का नाटक करता रहा और मजा लेता रहा.

सभी आंटियों की चूतों को मेरा प्रणाम!
मेरा नाम अंकित है. मैं मुजफ्फरनगर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 19 साल है.

यह मौसी सेक्स कहानी करीब एक साल पुरानी है और मेरी व मेरी मौसी की है.
मेरी मौसी शादीशुदा हैं. उनका नाम रूबी है और उनकी उम्र 30 साल की है.
मेरी मौसी सांवले रंग की हैं, पर दिखने में एकदम सेक्सी माल लगती हैं. वो एकदम स्लिम ट्रिम हैं.

उनके तीन बच्चे हैं जो क्रमशः 4,6 और 8 साल के हैं.
वो सब लोग हमारे साथ ही रहते हैं क्योंकि मेरे मौसा जी ज्यादा दारू पीते हैं और कई सालों से बाहर ही रहते हैं. वो बस हर महीने मौसी को रूपये भेज देते हैं.

हमारा मकान दो मंजिल का है, उसमें नीचे भी दो कमरे हैं और ऊपर भी दो कमरे हैं. नीचे मौसी रहती हैं और ऊपर हम सब रहते हैं.
अपनी मौसी को चोदने का मेरा कोई इरादा नहीं था लेकिन मैंने कुछ ऐसा देखा कि मेरे ख्यालात बदल गए.

मेरे घर वाले 3-4 दिनों के लिए सहारनपुर गए हुए थे और उसी दौरान मौसी ने अपने तीनों बच्चे बुआ के यहां भेज दिए थे क्योंकि वे कई दिनों से जिद कर रहे थे.
अब घर पर सिर्फ मौसी और मैं ही बचे थे.

एक दिन दोपहर में मैं अपने दोस्त के साथ घूमने चला गया.
मैं शाम को घर आया, तब मौसी खाना बना रही थीं.

मौसी मुझे देखकर बोलीं- ओ अंकित कहां था तू, चल खाना खा ले!
मैंने नीचे ही खाना खाया और ऊपर आने लगा.

मैंने मौसी से कहा- मौसी आप नीचे का गेट लगाकर आराम से सो जाना, अब मुझे कहीं नहीं जाना.
मौसी कहने लगीं- अंकित मैं सोने के लिए अकेली ही हूँ. नीचे मुझे डर लगेगा. मैं तो तेरे पास ऊपर ही सोऊंगी.

मैंने कहा- ठीक है. आप जब आओ तो मेरे लिए दूध ले आना.
उन्होंने हामी भर दी.

फिर जैसे ही मैं ऊपर आया, मैंने किसी काम की वजह से जाल से नीचे झांका, तो मैंने देखा कि मौसी दूध के गिलास में कोई सी गोली मिला रही हैं.

मैं समझ गया कि ये तो नींद की गोली ही हो सकती है.

थोड़ी देर बाद मौसी ऊपर आईं और उन्होंने मुझे दूध का गिलास पकड़ा दिया.
वो बोलीं- ले, इसे जल्दी ही पी ले वरना ठंडा हो जाएगा.

मैंने वो दूध पिया, मुझे उसमें कुछ ज्यादा कड़वापन महसूस हुआ.
मैं समझ गया कि मौसी ने नींद की एक गोली नहीं शायद दो गोली मिलाई हैं.

लेकिन मौसी को यह नहीं पता था कि मैं नशा करता हूँ … और मैं जो नशा करता हूँ. उस पर यह गोली असर नहीं करती है. फिर भी मैं सोने का नाटक करने लगा.

मैं रात को नेकर और बनियान में सोता था, तो कपड़े उतार कर सो गया.
मौसी मेरे बगल में आकर लेट गईं.

थोड़ी देर बाद मौसी ने मुझे आवाज लगाई- अंकित ओ अंकित.
पर मैं कुछ नहीं बोला बस आंखें बंद करके आराम से लेटा रहा. मैं ये देखना चाहता था कि मौसी ने मुझे नींद की गोली क्यों दी.

मौसी बुदबुदा कर बोलीं- लगता है गोली ने असर कर दिया.
अब मौसी उठीं और मेरे नेकर के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगीं.

मैं एकदम से चौंक गया और दम साधे चुपचाप लेटा रहा.
धीरे धीरे मेरा लंड खड़ा होने लगा.

मौसी ने मेरी नेकर को निकाल दिया.
मैं सोचने लगा कि आखिर मौसी करना क्या चाहती हैं. मेरा बड़ा लंड देखकर मौसी चौंक गईं क्योंकि मेरा लंड ज्यादा लंबा और मोटा है.

मौसी लंड देख कर बोलीं- हाय राम इतना लंबा और इतना मोटा लंड … मैंने तो पहले कभी नहीं देखा, अगर ये मेरी चूत में घुस गया तो मेरी चूत के दो टुकड़े कर देगा. लेकिन इस लंड से चुदने में मजा भी बहुत आएगा.

मौसी मेरे लंड को सहलाने लगीं और मेरा लंड पूरा तम्बू के बांस की तरह खड़ा हो गया था.
मैं अपने आपको कंट्रोल करके लेटा रहा और अपनी आंखों को हल्की सी खोलकर ये सब देख रहा था.

मौसी ने अपनी सलवार निकाल दी तो मैंने देखा कि उन्होंने चड्डी नहीं पहनी हुई थी.
वो अपनी चूत को मसलने लगीं और आंहें भरने लगीं.

उनके मुँह से गर्म सिसकारियां निकलने लगीं- आह आह आईई आईईईई सईईईई सईईई!

मैंने मौसी की चूत देखी.
मौसी की चूत झांटों से ढकी हुई थी इसलिए मुझे बालों के अलावा कुछ और दिखाई नहीं दे रहा था.

मौसी एक हाथ से मेरा लंड सहला रही थीं और एक हाथ से अपनी चूत मसल रही थीं; साथ ही वो सिसकारी भी भर रही थीं.

मेरा मन कर रहा था कि मौसी की चूत में अपना लंड डालकर उनको चोद चोद कर पागल कर दूँ.
लेकिन मैं कंट्रोल करके आराम से लेटा रहा.

फिर मौसी उठीं और मेरे लंड पर आकर बैठने लगीं.
मैं मन ही मन खुश हो गया कि लंड को चूत मिलने वाली है.

जैसे ही मौसी मेरे लंड पर बैठीं, मेरे लंड का टोपा चूत में घुस गया.
मौसी एकदम से चिल्ला दीं- आई मां … उफ्फ … लौड़ा है या आफत है.

वो दर्द से कराहती हुई लंड पर उतर गईं.
मैं ये सब देखता रहा और आंख बंद करके लेटा रहा.

कुछ देर बाद मौसी उठीं और रसोई में चली गईं.
मैं सोचने लगा कि मौसी न जाने क्या लेने गई हैं.

एक मिनट बाद मौसी वापस आईं और मेरे लंड पर तेल लगाने लगीं.

वो धीमे स्वर में कहने लगीं- आज चाहे जो हो जाए, मैं इस लंड को अपनी चूत में लेकर रहूँगी.
मेरे लंड पर तेल लगा लेने के बाद मौसी ने अपनी चूत पर भी तेल लगाया और मेरे लंड को ऊपर से 3 इंच छोड़कर अपने हाथ से जकड़ लिया.

फिर मौसी लंड पर बैठने लगीं और जो 3 इंच लंड मौसी ने छोड़ा था, तेल लगने के कारण एकदम से उनकी चूत में घुस गया.
मौसी फिर से एकदम से चिल्लाईं और अपने मुँह पर हाथ धर लिया ताकि उनकी चिल्लाहट से मैं जाग ना जाऊं.

मौसी ने अपना मुँह भींचा और दांतों से अपने होंठ काटने लगीं.
वो मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने लगीं.

मौसी की चूत ज्वालामुखी की तरह गर्म थी, मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड पिघल जाएगा.

इस गर्मी की वजह से जल्द ही मेरा लंड झड़ने वाला हो गया था.
फिर भी मैं खुद पर कंट्रोल करके लेटा रहा और उनकी चूत के मजे लेता रहा.

कुछ देर बाद मौसी मेरे लंड पर तेज तेज कूदने लगीं और सिसकारियां भरने लगीं- आई आह … स्सिईई सीईईई … उफ उफ आई मां मर गई साले का लौड़ा है या बेलन है!

थोड़ी देर बाद मौसी अपनी चूत को रगड़ने लगी और कांपने लगीं.
मैं समझ गया कि मौसी झड़ने वाली हैं.

फिर मौसी सेक्स का मजा लेती हुई चिल्लाती हुई झड़ गईं और मेरे बगल में लेट गईं.

मौसी मेरे लंड को सहलाने लगीं, उससे मेरे लंड ने भी जोरदार पिचकारी मारी और लंड शांत हो गया.
मौसी की सांसें जोर जोर से चल रही थीं.

कुछ देर बाद मौसी उठीं और उन्होंने मेरे नेकर को ऊपर कर दिया.
फिर वो सुसु करके आईं और सो गईं.

मैं सोच रहा था कि आज वो कहानी सच हो गई कि खड़े लंड पर धोखा मिला.
हालांकि चूत की गर्मी मिल गई थी पर लंड की मनमानी नहीं हो सकी थी.

अब मुझे नींद नहीं आ रही थी, बस मुझ पर मौसी को चोदने का भूत सवार था.
मैं मौसी को चोदने के बारे में सोचता रहा और कब मुझे नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

मैं सुबह 10 बजे उठा और बाथरूम जाकर फ्रेश हुआ, नहाकर बाहर निकला, कपड़े पहने और मौसी के पास चला गया.
सुबह से मौसी में मुझको अब एक रंडी नजर आने लगी थी.

मौसी मुझे देखकर बोलीं- अंकित उठ गया … चल आ जा, चाय पी ले.
हम दोनों बैठकर चाय पीने लगे.

मौसी बोलीं- रात को नींद कैसी आई अंकित?
मैं अंजान बनकर बोला- मौसी नींद तो अच्छी आई … मगर मेरा बदन सा टूट रहा है.

मौसी ने कहा- हो जाता है कभी कभी … थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा.
फिर मैं ऊपर आकर टीवी देखने लगा और बाद में दोपहर का खाना खाकर सो गया.

शाम को मौसी ने मुझे उठाया और बाजार से सामान लाने को कहा.
मैं उठा और बाजार से सामान लेने चला गया.

करीब दो घंटा बाद मैं बाजार से सामान लेकर वापस आया और सामान मौसी को दे दिया.

मौसी ने खाना बनाया और हम दोनों खाना खाने लगे.
रात को मौसी मेरे पास सोने के लिए आ गईं और मेरे बगल में लेट कर सोने लगीं.

मैं सोचने लगा कि आज कैसे ना कैसे मौसी को चोदकर ही रहूंगा.
मैंने देखा कि मौसी सो गईं तो मैंने अपना एक हाथ मौसी की चुच्ची पर रख दिया.

मौसी की चुच्ची मीडियम आकार की थीं.
मैं मौसी की एक चुच्ची को हल्के हल्के दबाने लगा.
मेरी गांड भी फट रही थी लेकिन लंड की उत्तेजना के कारण मैं मौसी की चुच्ची दबाता रहा.

तभी मौसी ने अपनी आंख खोल दी और मुझे धक्का देकर कहा- ओए अंकित क्या कर रहा तू …. हाथ हटा.

मैं बोला- मौसी करने दे ना.
मौसी ‘नहीं, नहीं …’ करती हुई उठ कर बैठ गईं और कहने लगीं- तू हाथ हटा ले, नहीं तो मैं तेरी मम्मी को बता दूँगी.

मैंने कहा- मौसी कल तो तुम मेरे लंड पर कूद रही थीं. उसका क्या?
मौसी एकदम से चौंक गईं और अटक अटक कर कहने लगीं- कक…क्या कह रहा तू?

मैंने कहा- कल मैं जाग रहा था और सब देख रहा था. कैसे तू मेरे लंड पर तेल लगाकर कूद रही थी.
मौसी एकदम चुप हो गईं.

मैंने मौसी को धक्का दिया और उनके बगल में लेट गया.
मौसी का मुँह मैंने अपनी तरफ किया और कहने लगा- मौसी एक बार करने दे ना!

मौसी बोलीं- चल ठीक है, लेकिन मेरी एक शर्त है.
मैं बोला- क्या?

मौसी बोलीं- तू चाहे कुछ भी कर ले, पर मेरी चूत नहीं मारेगा. बोल शर्त मंजूर है?
मैंने कहा- पर कल तो तूने खुद ही चूत में लंड लिया था मौसी?
मौसी बोलीं- बस मैंने जो कह दिया सो कह दिया.

ये बात मेरी समझ में नहीं आई.
मैंने सोचा कि चलो चोदना ना मिले लेकिन चूत के साथ तो खेल ही सकता हूँ.
मैंने हां कह दिया.

मौसी बोलीं- कर ले जो करना है.
मैंने अपने होंठ मौसी के होंठों पर रख दिए और चूसने लगा, अपने एक हाथ से मौसी की चुच्ची को सहलाने लगा.
मौसी भी मेरा साथ दे रही थीं.

मैंने मौसी के होंठ छोड़े और उनसे कहा कि अब मुझे आपको नंगी देखना है.
मौसी ने कहा- खुद ही नंगी कर ले.

मैंने मौसी के शर्ट को निकाल दिया.
अन्दर मौसी ने ब्रा नहीं पहनी थी, उनकी चूचियां आजाद हो गईं.

मैंने मौसी की सलवार का नाड़ा खोला और सलवार को नीचे करने लगा.
मौसी ने अपनी सलवार पकड़ ली.

मैंने कहा- क्या हुआ मौसी?
मौसी ने कहा- रहने दे अंकित.

मैंने कहा- करने दे ना मौसी, मैं तेरी चूत थोड़ी ना मार रहा!
मौसी ने सलवार छोड़ दी.

फिर मैंने सलवार निकाल दी.
मौसी की चूत झांटों से ढकी हुई थी.

मैंने मौसी की झांटों को मुट्ठी में भर लिया.
मौसी एकदम से चिल्ला दीं- आई .. आई ये क्या कर रहा?

मैंने कहा- मौसी इन्हें काट दूँ क्या … मुझे तेरी चूत ही नहीं दिख रही.
मौसी बोलीं- काट दे, जैसी तेरी मरजी.

मैं उठा और शेविंग क्रीम व रेजर ले आया.
मैंने शेविंग क्रीम मौसी की चूत पर लगाई और रेजर से झांटों को काटने लगा.

चूत के बाल काफी उलझे हुए थे.
मैंने मौसी से पूछा- मौसी तुमने आखिरी बार झांटें कब काटी थीं.

मौसी हंसी और कहने लगीं- आज पहली बार मेरी झांटें साफ हो रही हैं.
मैं- तभी मुझको इन्हें काटने में परेशानी हो रही है.

फिर सारी झांटे काटने के बाद मैंने मौसी की चूत को पानी से साफ किया और कपड़े से पौंछ दिया.

उस दिन पहली बार मैंने मौसी की चूत को देखा था.
मौसी की चूत बाहर से काली व अन्दर से गुलाबी थी और चूत के होंठ पतले पतले से थे. मौसी की चूत का दाना भी थोड़ा सा बाहर को निकल रहा था, जिसे देख मैं पागल हो रहा था.

फिर मैंने मौसी की दोनों टांगों को चौड़ा किया और अपना मुँह उनकी चूत के पास ले गया.
मौसी- ओए क्या करने वाला है तू?

मैंने कहा- देखती जा कल्लो मौसी.
मैंने अपनी जीभ को मौसी की चूत पर रखा, मौसी ने सिसकारी भरी- आई ईईई … सीईईई.

पहले मैंने जीभ को चूत के चारों ओर घुमाया, फिर चूत को चाटने लगा.
मौसी उत्तेजना में कांपने लगीं और तड़पने लगीं- आह … अंकित आह … आई … सीईई …

उनकी कामुक आवाजें निकलने लगीं.
मैं मौसी की चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा और सारे कमरे में सुड़प सुड़प की आवाज गूँजने लगी.

मौसी लगातार सिसकारियां भरे जा रही थीं.
फिर मैंने मौसी की चूत के दाने को अपने दांतों में जकड़ लिया और उसे अपनी जीभ से रगड़ने लगा.

मौसी चिल्लाईं और मुझे गाली देने लगीं- ओ रंडी के चोदे … साले भोसड़ी के आईईई!

मैं मौसी के दाने को बेरहमी से चाटने लगा, मौसी मछली की तरह तड़पने लगीं और अपने मुँह को इधर उधर घुमाने लगीं.

करीब 5 मिनट बाद मौसी मुझसे बोलीं अंकित मैं झड़ने वाली हूँ.
मैं चूत के दाने को चबाने लगा.

मौसी ने अपनी गांड उठाई और मेरे मुँह को कस कर चूत पर दबाने लगीं- आह … आह … आईईईई … सीईई … सीईई!
वो झड़ने लगीं.

मैं मौसी की चूत का सारा पानी गट गट करके पी गया और पूछा- मजा आया मौसी चूत चटाई में? मौसी ने आंह भरते हुए कहा- हां इसमें मुझे बहुत मजा आया … आज पहली बार किसी ने मेरी चूत चाटी है.

मैं मौसी के ऊपर से उतर कर उनके बगल में लेट गया.

अब समस्या ये थी कि मौसी मेरा लंड अपनी चूत में लेना नहीं चाह रही थीं और मैं उन्हें चोदे बिना रह नहीं पा रहा था.
सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि मैंने मौसी को किस तरह से चोदा.

No comments