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मेरे दोस्त की वाइफ मुझसे चुदी फिर से

मेरे दोस्त की वाइफ मुझसे चुदी फिर से

 
हॉट भाभी की गांड चुदाई का मजा मैंने लिया अपने दोस्त की बीवी की चूत मारने के बाद उसके पीछे के छेद को चोद कर! उसने पूरा मजा लेकर गांड मरवाई.

दोस्तो, मैं आपका मित्र राज आपको सेक्स कहानी की दुनिया में फिर से डुबकी लगवाने हाजिर हूँ.

मैं आपको अपने दोस्त मुकेश की हॉट बीवी जीनी की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
जिसके दूसरे भाग दोस्त की गर्म बीवी की चूत का मजा में मैंने आपको बताया था कि रात को शादी से लौटने के बाद मैं जीनी के घर में ही रुक गया था.
चूंकि मुकेश शादी में से ही ट्रेन से बाहर चला गया था तो मैंने जीनी को उसके घर में ही चोद दिया था और उसके साथ नंगा चिपक कर सो गया था.

अब आगे हॉट भाभी की गांड चुदाई का मजा:

सुबह जब मैं उठा, तो वह अपना एक पैर मेरे पैर के ऊपर रखी थी और उसका एक दूध मेरी छाती के ऊपर लगा था.
मेरा हाथ उसकी पीठ पर था और उसके बाल बिखरे हुए थे.

मैंने उसके माथे पर एक किस किया तो वह भी जाग गई.
अब हम दोनों उठकर बेड पर टिक कर बैठ गए और रात के बारे में बात करने लगे.

उसने चादर अपने मम्मों के ऊपर ले ली थी और उसके बाल अभी भी बिखरे हुए थे.
उसका सिंदूर उसके माथे से हल्का मिट सा गया था और हल्का सा फैल गया था जो इस बात की गवाही दे रहा था कि रात को हमने बहुत इंजॉय किया था.

मैंने जीनी से पूछा- मेरे मन में एक सवाल है, क्या मैं पूछ सकता हूँ?
वो मेरी आंखों में झांकती हुई बोली- मुझे मालूम है कि तुम क्या जानना चाहते हो.

उसकी आंखों में मैंने अपना वो सवाल पढ़ लिया था जो इस बात को लेकर था कि जीनी ने मुकेश के होते हुए मुझसे सेक्स क्यों किया.

मैंने उससे पूछा- क्या तुम उत्तर देना चाहोगी?
वो मुझसे बोली- क्या तुम खुद को इस सवाल के सामने रख कर मुझे बताना चाहोगे कि तुमने मेरे साथ सेक्स क्यों किया?

मैंने कहा- मर्द तो हमेशा से ही मस्त कलियों के पीछे पड़ा रहता है.
वो हंसी और बोली- मुझे भी कुछ ऐसा ही शौक था. मुझे तुम जैसे आकर्षक भंवरे से अपना रस चुसवाने का शौक था.

मैंने उसे चूम लिया और उस बात को भूल गया.
मैं समझ गया था कि जीनी मुझसे प्यार करने लगी थी.

कुछ देर बात करने के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को स्मूच किया.
वह बोली- मैं चाय बना कर लाती हूं.

वो उठने लगी और उसने अपने बालों को समेटकर जूड़ा बना लिया, फिर अलमारी से नाइटी निकालने लगी.
जिस पर मैंने कहा- अब अपने भंवरे के सामने नाइटी तो मत पहनो.

वह हंसती हुई किचन की ओर नंगी ही चली गई.
मैंने बेडरूम में लगी टीवी चालू कर दी और टीवी देखने लगा.

रात को हम लोग काफी लेट आए इसलिए हमारे बीच एक राउंड ही हुआ था.
कुछ समय बाद वह दो कप कॉफी बना लाई.

अभी भी मैंने और उसने कोई कपड़े नहीं पहने थे.

हम दोनों एक ही चादर में अन्दर बैठकर कॉफी पीने लगे.

कॉफी पीने के बाद मैंने हंसते हुए इशारा किया कि एक और राउंड हो जाए.
जिस पर उसने अपनी शक्ल पर मुस्कान लाते हुए अपनी गर्दन हिलाकर हामी भर दी.

मैं बेड पर टिक कर पैरो को फैलाकर बैठा हुआ था.
जीनी तुरंत मेरे पैरों पर दोनों तरफ पैर डाल कर बैठ गई.

उसकी चूत मेरे दोनों पैरों के बीच थी और वह मेरे सीने पर किस करने लगी.

मैं उसके बालों को सहलाने लगा और उसकी लटों को चेहरे से पीछे की ओर करने लगा.
उसके चेहरे को मेरे सीने पर दबाने लगा. उसके बूब्स मेरे पेट पर दब रहे थे और उसकी पीठ को मैं सहला रहा था.

धीरे धीरे जीनी मुझे किस करते हुए नीचे की ओर जाने लगी.
मेरे पेट से होती हुई वो मेरे लंड तक पहुंच गई और मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर मुठ मारने लगी.

कुछ ही पलों में मेरा लंड टाइट हो चुका था.
मैं उसके पेट को और उसके गाल को सहला रहा था और अपने लंड पर रगड़ रहा था.

कुछ देर बाद जीनी ने मेरे लंड के टोपे को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया.
मैं भी उसके सर को अपने लंड पर दबाव दे रहा था ताकि वह मेरे लंड को पूरी तरह अपने मुँह में ले ले.

आखिर हुआ भी यही.
धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड उसके मुँह में चला गया और वह तो मानो किसी लॉलीपॉप की तरह मेरे लंड को चूसने लगी.

अब मेरा लंड पूरी तरह टाइट हो चुका था.

मैंने जीनी के चेहरे को उठाया और उसको इशारा किया कि वह मेरे लंड पर बैठ जाए.
उसने भी यही किया.

वह जल्दी से मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और एक ही बार में मेरा पूरा लंड अपनी चूत में भर लिया.

मैंने भी उसे उत्साहित करने के लिए उसके एक दूध को दबाना चालू कर दिया.
वह धीरे-धीरे मेरे लंड पर कूद रही थी और मुझे मजा दे रही थी.

शायद इतना ही मजा उसे भी आ रहा था.
अब वह जोर-जोर से मेरे लंड पर कूदने लगी.
वो मेरा लंड अन्दर बाहर करने लगी.
उसकी स्पीड से मुझे लग रहा था कि उसे काफी मजा आ रहा है.

चुदाई करते-करते करीब 5 से 7 मिनट उसने ऐसा ही किया.
उसके बाद कर वो मेरे लौड़े के ऊपर से उतर गई और लेट गई.

अब मेरी बारी थी.
मैं उसकी दोनों टांगों के बीच आया, उसके पैरों को हवा में करके मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और जोर से धक्का दे मारा.

जिस पर वह हल्का सा पीछे को हुई लेकिन हंसते हुए मुझे इशारा किया कि हमला चालू रखो.
मैंने भी उसके पैरों को पकड़ कर अपनी स्पीड बढ़ा दी और अपने धक्के चालू कर दिए.

ये चुदाई हमारी धमाकेदार चुदाई थी जिसमें मैं उसके पैरों को हवा में किया हुआ था.

करीब पांच सात मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मैं उसके ऊपर गिर गया और अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा.

ऐसे ही करते करते उसने एक नागिन की तरह अपने पैरों को मेरी कमर पर लपेट लिया और मैंने अपना चुदाई का कार्यक्रम जारी रखा.
इस तरह करीब 15 मिनट से 20 मिनट हमारी चुदाई चलती रही.

इस बार मैंने उससे बिना पूछे ही अपना वीर्य उसकी चूत में डाल दिया और वह भी इस चीज को जानती थी.
वह भी अपनी चूत की धार को संभालना सकी और उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी गांड तक बहने लगा.

फिर हम दोनों वैसे ही लेट गए.
मेरा लंड धीरे धीरे उसकी चूत से निकलने लगा.

कुछ मिनट बाद मैं उसके साइड में लेट गया और वह मेरे ऊपर आ गई.
हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे. हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे.

मैं उसकी पीठ पर उसके गांड पर और उसकी गांड को सहला रहा था.
कुछ देर बाद वह मेरे बगल में लेट गई और मैं भी उसके मम्मों पर सर रखकर लेट गया.

फिर हम कब सो गए, पता ही ना चला.
चूंकि हम रात के 3:00 बजे पार्टी से आए थे.

दूसरी बार सुबह दस बजे मेरी नींद तब खुली, जब दरवाज़े को घंटी बजी.

मैं अचानक से उठा.
जीनी भी उठी और उसने टाइम देखा तो वो समझ गई.

अब जीनी ज़ोर से बोली- भैया आ रही हूं.
वो मुझसे बोली- तुम यहीं बैठना, दूध वाला भैया आया है, मैं दूध लेकर आती हूं.

वो उठकर अलमारी से पिंक कलर के नाइट सूट की कोटी पहनकर उसका बंध बांधती हुई दूध लेने चली गई.
मैं बिस्तर पर बैठकर उसके बिस्तर को देखने लगा, जिस पर उसके रात वाले गजरे टूटकर बिखरे पड़े थे और मुझे अपनी सफलता का इशारा कर रहे थे.

कुछ देर बाद जीने के दरवाजा खोलने और बंद करने की आवाज आई.

फिर एक मिनट बाद वो वापस रूम में आकर बेड पर आ गई.
जीनी पिंक कलर की कोटी में बहुत सेक्सी और हॉट लग रही थी.

उसने आकर बेड पर चढ़ते ही अपनी कोटी का बंद खोल दिया और मेरे सामने उसके बूब्स आ गए.
उसने अपनी कोटी को अपने शरीर से अलग कर दिया और मेरे ऊपर गिर गई.

मैं उसके होंठों पर किस करने लगा और उसका हाथ नीचे मेरी लंड की ओर था, जिसे वह सहला रही थी.

मैंने हाथ पीछे करते हुए उसकी पीठ पर हाथ घुमाया और उसके बालों का जूड़ा खोल दिया.
इसे उसने सुबह ही बनाया था. जूड़ा खुलने के कारण उसके बाल खुल कर बिखर गए.

हम एक दो मिनट ऐसे ही एक दूसरे को प्यार करते रहे, चुम्मा चाटी करते रहे.

फिर मैंने जीनी से कहा- चलो अब हम नहा लेते हैं.
जिस पर जीनी ने कहा- तुम जाओ मुझे तुम्हारे साथ नहीं नहाना.
जीनी के चेहरे पर मुस्कान थी.

पर मैं जानता था कि उसकी ना में हां है.

मैं उठा और जीनी को अपनी गोदी में लेकर बाथरूम की ओर जाने लगा.
बाथरूम पहुंचकर जीनी ने दरवाजा अपने हाथों से खोला और मैं उसे लेकर बाथरूम में घुस गया.

मैंने बाथरूम में घुसते से ही शॉवर चालू कर दिया और मैं और जीनी दोनों शॉवर के नीचे खड़े हो गए थे.
हम दोनों शॉवर चालू होते से ही पानी की बूंदों से भीग चुके थे.

जीनी के बाल उसके उसके शरीर से चिपक गए थे और पानी की बूंदें उसे और कामुक कर रही थीं.

मैं और जीनी उसी शॉवर के नीचे एक दूसरे को प्यार करने लगे. मैं उसके सारे शरीर को चूमने लगा, जिससे वह मदहोश हो गई.

जीनी बोली- क्यों राज, तुम्हारा अभी जी नहीं भरा क्या मुझसे?
मैंने कहा- क्या करूं … तुम चीज ही हो ऐसी कमाल की!
मैं अपने काम में लगा रहा.

कुछ समय बाद मैंने जीने को पलटाया और नीचे होकर उसके पैरों को फैला दिया.
मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और अपनी जीभ से उसे चाटने लगा.

जीनी को अन्दर से बहुत गुदगुदी हो रही थी और वह मुझसे बोल रही थी- राज, तुम यह क्या कर रहे हो!

मैंने उसकी कमर को पकड़ रखा था और वह अपने पैरों को चौड़ा करके मुझे उकसा रही थी.

अब मैं उसकी चूत के दाने को बीच बीच में काट भी देता, जिससे वह तिलमिला जाती.
उससे सहा नहीं जा रहा था.

फिर मैं खड़ा हुआ और उसे झुके रहने दिया.
अब मेरा ध्यान उसकी गांड पर था.

मैंने उसकी गांड पर अपना लंड सैट किया, उसने मेरा इशारा समझते हुए अपनी गांड को लूज कर दिया, जिससे मेरे लंड को उसकी गांड में जाने के लिए आसानी हो गई.

लंड सैट करने के बाद मैंने एक छक्का मारा तो जीनी थोड़ा कसमसा गई.
मैंने फिर से एक और झटका मारा तो इस बार मेरा पूरा लंड उसकी गांड में जा चुका था.

हमारे शरीर पर ऊपर से पानी की बौछारें पड़ रही थीं, जो उस समय को और रोमांचित कर रही थीं.
धीरे-धीरे मेरे झटके तेज होने लगे और जीनी की कामुक आवाजें भी पूरे बाथरूम में गूंजने लगीं.

वह मुझे बार-बार बोल रही थी- आह यह क्या कर रहे हो … आह और जोर से करो … और जोर से करो … फक मी हार्ड राज!
उसके हर शब्द के साथ मुझे और जोश आता और मैं उतनी ही तेजी से अपना लंड उसकी गांड में पेल देता.

इस बार हॉट भाभी की गांड चुदाई करीब 20 मिनट तक चली होगी और मेरे आखिरी के आठ दस झटकों में मैं जीनी से कहने लगा- अब मेरा निकलने वाला है.
जिस पर वह भी शांत होने की कगार पर थी और उसने अन्दर ही आने का कहा.

मैंने अपने लंड से वीर्य उसकी गांड में ही छोड़ दिया.
फिर मैं अपना लंड निकाल कर खड़ा हो गया और जीनी नीचे बैठकर मेरे लंड को किस करते हुए साफ करने लगी.

हम लोगों ने खड़े होकर एक दूसरे को चूमा और फिर साथ में नहाकर दोनों बाहर निकल आए.
उसके बाद मैं बाथरूम से निकलकर बेडरूम में आया और अपने कपड़े पहन लिए.

जीनी अभी भी मेरे सामने तैयार हो रही थी.
उसने अलमारी से ब्लैक ब्रा और पैंटी निकाली और पहन ली.
उसके ऊपर सलवार सूट पहन लिया.

फिर वो अपने बालों को संवारने लगी.

कुछ टाइम बाद वह बेड पर वापस मेरे साथ आ गई और हम दोनों लेटे-लेटे बात करने लगे.

फिर दोपहर के 12:30 बजे मैंने जीनी से विदा ली और रात को आने का वादा करके वहां से निकल गया.

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