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उसके प्यार में चूत खोलकर चुदवाने लगी

लव पोर्न कहानी में पढ़ें कि मैं अपने पड़ोस के एक लड़के को बहुत पसंद करती थी. मैं उसके घर जाकर उसे लुभाने लगी. एक दिन मैंने उसके लंड का मजा ले ही लिया.

मेरा नाम शालू है. मैं दिल्ली के पास हरियाणा के एक गांव की हूँ.

मैं अपनी एक सच्ची कहानी आप लोगों के सामने रख रही हूं.
यह  लव पोर्न कहानी उस समय की है, जब मैं 19 साल की थी और अपनी पढ़ाई कर रही थी.
मैं उस समय 12वीं कक्षा में थी.

मेरे साथ एक लड़का पढ़ता था, वो मेरे गांव से ही था मगर अब वो दिल्ली चला गया था.
उसका नाम सौरभ था.

एक बार मेरे मम्मी पापा दिल्ली जा रहे थे तो वो मुझे भी अपने साथ दिल्ली ले जा रहे थे.

पापा को दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करने का अवसर मिला था.
मैं अपने मम्मी-पापा के साथ दिल्ली चली गई थी.

दिल्ली में जहां हम लोग अपने रिश्तेदार के यहां रुके थे, वहीं कुछ दूरी पर मेरे साथ वाला वही लड़का सौरभ अपने परिवार के साथ रहता था.

उसे मैं मन ही मन पसंद करती थी, पर पहले उससे उसके दिल की बात सुनना चाहती थी.
मैं उसे भी अपने दिल की बात बताना चाहती थी किंतु वह मुझे भाव ही नहीं देता था.

किसी न किसी बहाने से मैं उसके घर जाने लगी.
उसकी मम्मी मुझे काफी पसंद करती थीं इसलिए मुझे जब भी मौका मिलता, मैं उसके घर चली जाती थी.

अब सौरभ मुझे कुछ ज्यादा ही अच्छा लगने लगा था और सच बताऊं तो मैं मन ही मन उससे चुदना चाहती थी.

उन्हीं दिनों मैंने एक बार उसको नहाते हुए देखा था.
वो केवल एक कच्छा पहने हुए नहा रहा था.
उस कच्छे में उसका लंड बहुत मोटा दिख रहा था.

मैं उस दिन उसे देख कर एकदम से गनगना गई थी और उससे जल्दी से जल्दी चुद जाना चाहती थी.

एक दिन मेरी मम्मी को अस्पताल जाना था तो वो पापा के साथ निकल गईं और मैं घर पर अकेली रह गई थी.
मैंने सोचा कि क्यों ना सौरभ के घर जाया जाए.

मैं सौरव के घर गई तो पता चला कि उसके घर पर भी कोई नहीं है.
वो वहां अकेला था और घर का काम कर रहा था.

मैं जब उधर पहुंची, तो वो कमरे में पौंछा लगा रहा था.
मैंने उससे कहा- ला, मैं लगा देती हूं.

उसने कहा- नहीं, मैं लगा लेता हूं.
मैंने जबरदस्ती की और उसके हाथ से कपड़ा लेकर खुद पौंछा लगाने लगी.

उस दिन मैंने लाल रंग का सलवार सूट पहना हुआ था. यह काफी चुस्त था और इसमें से मेरे स्तन एकदम उठे हुए दिखाई दे रहे थे.
मैंने ब्रा भी सिल्की पहनी थी. इसलिए मेरी चूचियों के निप्पल भी साफ़ दिख रहे थे.

अचानक से मैंने देखा कि वो मेरे खुले गले से झांकते हुए मेरे मम्मों की तरफ देख रहा था.
मैंने उसकी कामुक नजरों को समझ लिया था.

मैं तो खुद यही चाहती थी कि वह मुझे चोद दे. मैं अब जानबूझकर और ज्यादा झुकने लगी ताकि वह मेरे चूचे ठीक से देख सके.

यही हुआ भी, वो मेरे मम्मों को वासना से देखने लगा.

मेरे मस्त रसीले मम्मों को देखने से उसकी लुंगी में उसका लंड फूलने लगा और मैं उसके उभार को कनखियों से देखने लगी.

मैंने उसकी इसी बात का फायदा उठाया कि वो मुझे देख कर कामुक हो रहा है.
चूंकि उसके घर पर कोई नहीं था तो मैंने भी उससे आज ही चुदने का मन बना लिया था.

कुछ पल के बाद मैंने अपनी कुर्ती को पीछे से थोड़ा ऊपर उठा लिया, जिससे उसे मेरी गांड का उभार भी दिखने लगे.

मैंने देखा कि वह मेरी गांड को हिलते हुए देखने लगा था और अब वो अपना लंड भी सहलाने लगा था.
उसे मैंने अनदेखा कर दिया.

कुछ पल बाद मैंने उससे पूछा- कोई और काम हो तो बताओ, क्या तुमने खाना खा लिया या अभी बनाना है. मैं बना दूंगी.
उसने कहा- नहीं, सब काम हो गया है, बस मैं पढ़ने जा रहा था.

वह भी 12वीं कक्षा में था, उसने कॉमर्स सब्जेक्ट लिया था. पढ़ाई के बहाने में उससे बात आगे बढ़ाना चाहती थी.
मैंने कहा- मैं भी कॉमर्स स्टूडेंट हूं, क्या तुम्हारी कुछ मदद कर सकती हूं?
उसने मेरे दूध देखते हुए कहा- ठीक है, आ जाओ.

पढ़ते समय मैंने बार-बार उसकी नजरों को देखा. वो मेरी तरफ बार बार घूरे जा रहा था.
मैं समझ गई कि आज इसका भी मन चंचल हो रहा है.

मैंने अपने दुपट्टे से अपना मुँह पौंछते हुए कहा- आज गर्मी बहुत है.
ये कहते हुए मैंने अपना दुपट्टा हटा दिया ताकि वह मेरे रसीले आम देख सके.

उसने भी गर्मी का बहाना बनाकर अपनी शर्ट और लुंगी उतार दी.
वो मेरे सामने बिना शर्ट के सिर्फ़ एक बनियान कच्छे में बैठ गया था.

मैंने सोचा कि ये उत्तेजित होता लग रहा है … क्यों ना इसको ज़रा और बढ़ावा दिया जाए.

मैं पानी पीने का बहाना बना कर उठ गई और अपनी कुर्ती को थोड़ा ऊपर उठा लिया; साथ ही जाकर दरवाजा भी बंद कर दिया ताकि कोई अन्दर ना आ सके.

वो दरवाजा बंद करते देख कर हल्का सा मुस्कुरा दिया.
मैं समझ गई कि लौंडा रेडी हो गया है.

मैं भी पूरे मूड में आ चुकी थी और अब मुझसे इंतजार नहीं हो रहा था. मैं उसके बाजू में बैठ गई और उससे कहा- मैं तुमसे प्यार करती हूं. मैं तुम्हें बहुत चाहती हूं. तुमसे अलग नहीं रह सकती.

उसने मेरे दूध देखते हुए कहा- तुम ये क्या कह रही हो … मैंने कभी तुम्हारे बारे में ऐसा सोचा ही नहीं.
मैंने अंगड़ाई लेते हुए कहा- तो अब सोच लो!

उसने मेरे दूध घूरते हुए कहा- हां, सोच लेता हूँ. कौन सा हमें हमेशा साथ रहना है.
मैं- हां, मैं जानती हूँ कि हमारी शादी नहीं हो सकती, पर हम मुहब्बत और सेक्स तो कर ही सकते हैं न?

सेक्स का नाम सुनते ही वो हक्का-बक्का रह गया.
मैं उसे लिप किस करने को आगे हो गई.
वो भी मेरी तरफ को हुआ. धीरे-धीरे मैं उसके होंठों को चूसने लगी.

पहले तो उसने कुछ देर सही से चुम्बन नहीं किया, पर थोड़ी देर बाद वह साथ देने लगा.
अब वो मुझे मुझसे ज्यादा किस करने लगा था.

मैं समझ गई कि इसका लंड खड़ा हो चुका है और अब ये मुझे चोदे बिना नहीं रहेगा.
मैंने झट से उसकी बनियान को भी उतार दिया और अब वह केवल चड्डी में था.

उसके चौड़े सीने को देख कर मैंने भी तुरंत अपनी कुर्ती को उतार दिया और ब्रा में उसके सामने थी, तो उसकी नजरें एकदम चुदासी हो गई थीं.
मैंने एक काले रंग की सिल्की ब्रा पहनी थी. उस काली ब्रा में मेरे गोरे दूध कसे हुए बड़े मस्त लग रहे थे.

आखिर मर्द तो मर्द होता है, लड़की की जवानी के सामने कब तक खुद को रोक पाता.
हम  लव पोर्न के लिए तैयार थे.

उसने मेरी चूची दबाने के लिए मुझसे पूछा.

मैं बोली- यह भी कोई पूछने की बात है. तुम्हारा ही माल है. आओ और मेरे रसभरे आम चूस लो.
उसने अपना एक हाथ मेरी चूची पर रखा और उसे ब्रा के ऊपर से धीरे-धीरे दबाने लगा.
मुझे भी मजा आ रहा था.

मैंने उससे कहा- एक हाथ से चूचे दबाओगे, तो दूसरा हाथ में खाली रखोगे क्या? इसे मेरी सलवार में डाल दो.
उसने ऐसा ही किया और अपना हाथ में मेरी सलवार में डाल दिया.

वो मेरी चूत को सहलाने लगा. मेरी मादक आवाजें आने लगी थीं.

मैंने कहा- अब मुझसे इंतजार नहीं हो रहा है.
उसने खड़े होते हुए कहा- हां, मुझसे भी इंतजार नहीं हो रहा है.

मैंने हाथ बढ़ा कर उसके कच्छे में से उसका लंड निकाला और उसे चूसने लगी.
उसका लंड तो सच में काफी मोटा था.

मैंने कहा- मैं तुम्हारे इस मोटे लंड से चुदना चाहती हूं, पर इसकी मोटाई से मुझे डर लग रहा है, कहीं ये मेरी चूत को फाड़ न दे.
वो बोला- मैं क्या कह सकता हूँ. मैंने खुद अभी तक किसी को नहीं चोदा है.

मैंने कहा- ओके, पहले मैं लंड को चूस लेती हूं. ताकि ये थोड़ा चिकना हो जाए.
उसने कहा- ठीक है, चूस लो.

मैं उसके कच्छे में से उसका लंड निकाल कर चूसने लगी और वह मेरी चूत को सहलाने लगा.
फिर उसने मेरी सलवार को खोल दिया.

मैं ऊपर तो पहले से ही ब्रा में थी. अब नीचे से भी पैंटी में रह गई थी.

उसने कहा- अपनी बुर का ढक्कन तो हटा दो.
मैंने कहा- अब मैं ही करूंगी, तुम कुछ नहीं करोगे?

उसने पहले मेरी ब्रा को हटा दिया.
अब मैं केवल पैंटी में उसके सामने थी.

वह मेरी पैंटी के ऊपर मेरी चूत को सहला रहा था.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.

वो किसी बच्चे की तरह मेरी चूचियां पीने लगा.
ऐसा लग रहा था कि वह कई जन्मों का भूखा है.

मुझे भी उससे अपने दूध चुसवा कर बहुत मजा आ रहा था.

मेरी चूचियां पीने के बाद वह मेरी चूत चाटने के लिए आया.
उसने मेरी पैंटी हटा दी.

मैंने कहा- जल्दी चाटो, मुझसे रहा नहीं जाता. मुझे चुदना भी है.

उसने चाट चाट कर मेरी चूत को एक बार झाड़ दिया.
मैं झड़ कर ढीली हो गई.

उसने मेरी चूत का नमकीन पानी पीने से मना कर दिया.
मैंने कहा- पी ले, बहुत मजा आएगा.

मेरे बहुत कहने पर वह मेरी चूत के पानी को पी गया और बोला- यह तो बहुत स्वादिष्ट है.
मैंने कहा- एक साथ चुसाई का मजा लेना है?
वो बोला- हां.

अब हम दोनों पूरे नंगे हो गए थे और 69 की पोजीशन में आ गए थे.
वह मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लंड चूसने लगी.

वह मेरी चूत को किसी मलाई की कटोरी की तरह से चाट रहा था. मुझे बड़ा मजा आ रहा था.
मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने सच में इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया है?
उसने कहा- नहीं.

फिर उसने मुझसे पूछा- तुमने किया है?
मैंने भी कहा- नहीं.

उसके बाद वह उठा और उसने पूछा- अब क्या करना है बताओ?
मैंने कहा- अभी सब बताती हूँ.

उसके बाद मैंने उसका लंड चाट चाट कर एकदम चिकना कर दिया.
वह मेरे मुँह में ही झड़ गया.

मैं मायूस होकर बोली- ये तो बड़ी जल्दी झड़ गया?
वो कुछ नहीं बोला.

मैंने उसके लंड को चूसना जारी रखा, तो उसका लंड फिर से कड़क हो गया.
कड़क लंड देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई.

उसके बाद उसने अपने लंड को हिलाया, जो एकदम खड़ा हो गया था और खतरनाक लग रहा था.
उसने मुझे लिटाया और अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रख दिया.

लंड का अहसास पाते ही मेरी सिसकारियां निकलने लगीं.
जैसे ही लंड का टोपा मेरी चूत से रगड़ा, मेरी तेज आह निकल गई.

वो मेरी आवाज सुनकर बोला- तुम चिल्लाओगी तो नहीं?
मैंने कहा- यार, मैं अभी तक चुदी नहीं हूँ. बिल्कुल कमसिन कली हूँ, तो मेरी आवाज निकलना स्वाभाविक है.

उसने मेरे मुँह पर अपना मुँह रखा और चूत में लंड पेल दिया. मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी चूत फट गई. मैं रोने लगी.

मैंने छटपटाते हुए कहा- नहीं करो … आह रहने दो, बहुत दर्द हो रहा है.
उसने कहा- तू खुद ही तो चुदने आई थी … अब मेरा चोदने का मन हो रहा है, तो तू मना कर रही है.

मैं दर्द से तड़फती रही और वो मुझे पेलता रहा. कुछ देर बाद मेरा दर्द जाता रहा और मुझे मजा आने लगा.
मैंने उससे कहा- तुम जल्दी जल्दी चोद लो, अब मुझसे कुछ नहीं होगा.

वह धकापेल चालू हो गया और लंड चूत में आगे पीछे करने लगा.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मैं आपे से बाहर हो रही थी, खूब मजा आ रहा था.
फिर वो मेरे अन्दर ही झड़ गया.
हम दोनों हांफने लगे और एक दूसरे को चूमने लगे.

कुछ देर बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए. इस बार हम दोनों ने कई पोजीशन में सेक्स किया और बहुत देर तक सेक्स किया.

वो झड़ने वाला था, उसने मुझसे पूछा.
मैंने कहा कि मेरे मुँह में झड़ जाओ.

वो मेरे मुँह में लंड पेल कर मुँह चोदने लगा.
कुछ ही देर में उसके लंड ने रस छोड़ना शुरू कर दिया.

मैं उसका सारा रस पी गई. मैं झड़ चुकी थी, तो मेरी चूत एकदम गीली थी.
उसने कहा- मैं भी तुम्हारी चूत को चाटूंगा.
मैंने हां कह दी.
उसने चूत चाटना शुरू कर दिया.

मैंने कहा- तू तो चुसाई में एकदम एक्सपर्ट हो गया है!
उसने चूत चाटते हुए कहा- तूने ही तो मुझे माल चूसना सिखाया है.

हम दोनों ने चुदाई के बाद कपड़े पहने और मैं चली गई.
उसके बाद हम दोनों ने कई बार ऐसे ही सेक्स किया.

मुझे उसके साथ चुदाई में काफी मजा आया, पर अब वह पता नहीं क्यों, मेरा फोन नहीं उठाता है.
जबकि मैं उससे बात करना चाहती हूँ, वो मुझसे बात ही नहीं करता है. शायद वो पक्का दिल्ली वाला हो गया है, उसे मेरे जैसी कई लड़कियां चोदने मिल जाती होंगी.

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