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गांव वाली लड़की की खेतों में चुदाई

विलेज सेक्स कहानी हिंदी में पढ़ कर मजा लें कि कैसे मैंने व्यायाम के बहाने से एक लड़की को सेट किया. वो बड़ी ही सेक्सी माल थी. मैंने उसे चोद कर मजा लिया.

दोस्तो, मेरा नाम करण है. मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच की है. बॉडी फिटनेस अच्छी है. मेरी उम्र 25 साल की है. मेरे लंड का साईज साढ़े छह इंच की है और ये ढाई इंच मोटा है.

मैं महाराष्ट्र राज्य के सांगली जिले के बड़ी आबादी वाले गांव से हूँ.
इधर शहरों जैसी ही सब सुविधाएं हैं और काफी खेती वाला इलाका भी है.

मैं मराठी बोलने वाले प्रदेश से हूँ पर आप  विलेज सेक्स कहानी हिंदी में पढ़ कर मजा लें.

मुझे शुरू से ही सेक्स में काफी रूचि थी.
मैं किसी भी भाभी को ताड़ता रहता था, उनके बूब्स देखता रहता था.
ये सब मुझे बहुत पसंद आता था.

जब कभी भीड़ वाले इलाके में मेरा जाना होता था तो मेरा प्रयास रहता था कि मैं किसी भाभी की गांड से अपना लंड रगड़ लूँ.
इसी चक्कर में एक दो बार मेरा कुटाई कार्यक्रम भी होते होते बचा और अधिकांशत: भाभियां मुझे देख कर मुस्कुरा कर रह गई थीं.

इससे मेरी इस आदत ने मुझे उत्साहित किया था और मैं ये सीख गया था कि जिस भाभी की नजरों में मुझे खुद के लिए खुशी दिखाई देती थी, मैं उन्हीं के साथ हरकत करने का प्रयास करता था.

ये सब करने से मुझे बड़ी उत्तेजना होती थी और मैं दिन में कम से कम दो बार किसी भी भाभी को याद करके मुठ मार लेता था.

मुझे ज्यादातर उन्हों उन्हीं भाभियों की चुदाई करने की इच्छा रहती थी, जिनकी उम्र चालीस साल से कम हो.

अभी मैं बाजू वाली भाभी पर नजर गड़ाए हुए हूँ. पर पता नहीं वो कब चुदाई करवाने के लिए मानेगी.

मेरी कम से कम तीन बार सेक्स करने की इच्छा रहती है, पर यदि मेरी साथ चुदाई करवाने वाली की इतनी देर तक चुदने की इच्छा नहीं रहती तो मैं अधूरा प्यासा रहता हूँ.

मेरी सेक्स कहानी में जो लड़की है, उसका नाम ऐश्वर्या है. यह नाम बदला हुआ है.
वो मुझसे 4 साल छोटी है. उसकी पहले भी चुदाई हो चुकी थी. ये मुझे उसकी चूत में उंगली करने के बाद में मालूम हुआ था.

मैं हर सुबह कसरत करने के लिए जाता हूँ, इसलिए मेरी फिटनेस बहुत अच्छी है.

वो लड़की हमेशा मुझे फॉलो करती थी और वो भी सुबह मेरे साथ एक्सरसाइज करने के लिए आती थी.

शुरू शुरू में मेरे लिए उसके मन में कुछ भी गलत नहीं था, मैं भी पूरे मन से उसको कसरत सिखाता था.

उसके साथ और एक लड़की आती थी. उसका नाम अमिता (बदला हुआ) था.
वो लगभग मेरी ही उम्र की थी.

वो बड़ी ही सेक्सी माल थी. मैं उस पर डोरे डालता था, पर वो मुझसे पट ही नहीं रही थी.
अमिता के साथ मेरी हमेशा व्हाट्सैप पर बातें होती रहती थीं.

एक बार जब अमिता कुछ सैट सी हो गई तो मैंने उसको रात को मिलने के लिए बोला, वो मान भी गई.
उस रात मैंने उसको सिर्फ किस किया.
उसने और कुछ करने नहीं दिया; साली बहुत नखरे दिखा रही थी.

उसका दिमाग बहुत शातिर था, वो मुझसे पैसे ऐंठना चाहती थी. बदले में सिर्फ चूमाचाटी के लिए ही राजी थी.
चुदाई के लिए वो किसी को घास नहीं डालती थी.

मैंने उससे बात करना छोड़ दिया और मैं अब ऐश्वर्या से बात करने लगा.

शुरूआत में हमारी सामान्य बात होती थी पर बात बढ़ते बढ़ते थोड़ी गंभीर हो गई.

एक दिन मैंने उससे पूछा- तुम व्हाट्सैप पर ज्यादातर ऑनलाइन क्यों रहती हो?
वो बोली- दोस्तों से बात करने के लिए!

मैंने पूछा- कोई बीएफ है क्या?
वो ना करने लगी.
पर मेरे जोर देने पर हां बोली.

मुझे गुस्सा आ गया- ये क्या बात हुई यार, अगर कोई लड़का सैट कर रखा है तो साफ़ बताना चाहिए.
मैंने उसे कुछ ज्यादा कड़क भी बोल दिया.

वो ऑफ़लाइन हो गई.
मैंने उससे भी बात करना बंद कर दिया.

फिर एक दिन उसका मुझे कॉल आया.
वो रोती हुई बोली- मुझे माफ कर दो, आगे से मैं बीएफ से बात नहीं करूंगी.

मुझे भी उससे अपने बर्ताव के लिए बुरा लगा.
फिर हमारे बीच पहले जैसा सब ठीक हो गया.

एक दिन ऐसे ही बात करते करते मैंने उससे पूछा- क्या तुम सेक्स कर चुकी हो?
पहले वो न बोली, फिर हां बोली, फिर न.

मुझे समझ नहीं आया कि ये सेक्स कर चुकी है या सेक्स का मतलब नहीं समझ रही है.
उससे पहले सेक्स चैट हो रही थी, तो वो चुदाई का सब मतलब समझती थी.

फिर एक रात मैंने उससे कहा- मुझे किस कर सकती हो?
वो झट से हां बोली.

मैंने कहा- किधर मिल सकती हो?
वो बोली- मेरे घर आ जाना.

मैंने कहा- तुम अपने घर में बुला कर मुझसे किस करोगी?
वो बोली- हां.

मैंने कहा- यार, जब घर में बुला सकती हो तो सिर्फ किस ही क्यों?
वो हंसी और बोली- अब ज्यादा फैलो मत.

मैंने कहा- यार बताओ न कि घर बुला सकती हो या ऐसे ही कह रही हो?
वो बोली- घर के बाहर आने की कह रही हूँ.

मैंने कहा- ओके.
पर तुम उधर कैसे मिल सकोगी?

वो बोली- हां. तुम रात को आ जाना. और मेरे घर के सामने एक कोपचा है, उधर मिल लेना.
मैंने कहा- रात को उधर का चौकीदार दिक्कत नहीं करेगा?

वो बोली- वो साला सौ के नोट में मान जाता है.
मैंने कहा- तुझे कैसे मालूम?
वो हंस दी.

मैं समझ गया कि इसके पहले वाला ब्वॉयफ्रेंड ऐसे ही इसकी चुम्मी लेता होगा.

करीब 12:30 रात को मैं उसके घर के पास आ गया और उसको मैसेज किया कि मैं बाहर हूँ.
वो एक नाइट सूट में बाहर आई और मुझसे सीधी लिपट कर किस करने लगी.

मुझे भी अच्छा लगा.
मैंने भी उसको खुद से लिपटा लिया, दीवार से सटा दिया और कपड़े के ऊपर से ही झटके देने लगा.
फिर पीछे से उसकी गांड सहलाने लगा.

हमारी किस काफी देर तक चली.
मैंने उसके मम्मों पर हाथ रखा तो उसने मेरा हाथ हटा दिया.

मैंने दो तीन बार ट्राई करने के बाद एक दूध जोर से दबा दिया.
वो सिसक गई.

उसके बाद वो मुझे जाने के लिए मिन्नतें करने लगी.
मैंने उसका दूध उसके नाइट सूट के गहरे गले में से बाहर निकाल लिया और निप्पल चूसने लगा.

ये मम्मे चूसने सहलाने का मेरा पहला अहसास था.
वो भी अपने मम्मे का मजा लेने लगी.

फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पजामी में डालने की कोशिश की.
मगर वो हाथ लगाने नहीं दे रही थी.

मेरी बहुत मिन्नतों के बाद भी उसने हाथ नहीं लगाने दिया.
तभी उसके बगल में खड़े रह कर मैंने अपने लंड की मुठ मार दी.

मेरा माल थोड़ा उसके नाइट सूट पर और थोड़ा नीचे गिर गया.
उसके बाद वो भाग गई.

ऐसे ही दिन गुजरते गए.
मेरा जन्म दिन आने वाला था.
तब मैंने उससे पूछा- मुझे क्या दोगी?
वो बोली- तब की तब से देखेंगे.

जन्म दिन वाले सुबह के समय मैंने उसे मैसेज किया- मुझे किस चाहिए.
वो बोली- ठीक है.

उसके बाद वो सुबह के टाइम आ गई.
तब कोई नहीं था.

मैं उसे पकड़ कर अपने चाचा के टमाटर के खेत में ले गया और उसे किस करने लगा.
वो भी साथ दे रही थी.

मैंने बूब्स दिखाने की बात की तो उसने न न करते हुए टॉप को ऊपर कर दिया.
मैंने उसके निप्पल को सक किया और उससे जिद करते हुए कहा- मुझे तुम्हारी वो देखनी है.

वो फिर से ना नू करने लगी मगर बाद में मान गई और सलवार का नाड़ा खोल दिया.
मैंने उसकी पैंटी नीचे की, तो उसकी क्लीन शेव चूत मुझे दिखाई दे गई.

उसकी चूत पहले से ही पानी पानी हो चुकी थी.
पहले मैंने उसे छूकर देखा, फिर बीच वाली उंगली से पानी को टेस्ट किया.
थोड़ा गाढ़ा और खट्टा सा था.

उसके बाद मैंने उंगली डाल दी.
मुझे लगा वो वर्जिन है तो धीमे से डाली.
पर लगभग पूरी उंगली अन्दर चली गई.
तब पता चला वो चुद चुकी है.

मैंने उसकी चूत में उंगली करना चालू कर दी.
ये मेरा भी पहली बार था तो मैं थोड़ा डर भी रहा था.

फिर मैंने उससे कहा- मुझे सेक्स करना है.
वो कुछ नहीं बोली.

मैंने उसको वहीं खेत में लेटा दिया और पैंट नीचे करके उसके ऊपर चढ़ गया.
उसकी आंखें बंद थीं.

मैंने टॉप ऊपर को खिसकाया और पजामी घुटनों के नीचे कर दी, पैंटी भी नीचे कर दी.
अब मैंने लंड डालने का प्रयास किया.
मेरे पहले प्रयास से लंड फिसल गया.

फिर उसने अपने हाथ से लंड को चूत में फिक्स किया और मुझे इशारा किया.
मैंने जोर का झटका दे दिया.

मेरा आधा से ज्यादा लंड चूत के अन्दर चला गया.
वो मुँह बंद करके चिल्ला दी इससे उसकी आवाज बाहर नहीं आई.

शायद उसको दर्द हुआ था, मगर बहुत अच्छा भी लग रहा था और डर भी.
फिर मैंने रुक कर एक झटका और लगाया. पूरा लंड चूत में घुस गया था.

दस बारह झटकों में मेरा माल गिर गया.
मुझे समझ में नहीं आया कि इतना जल्दी कैसे हुआ.

उसने बताया कि पहली बार में होता है.
मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा कौन सी बार का था?

वो बोली- दूसरी बार. सेक्स के कुछ दिन बाद बीएफ की शादी किसी और से हो गई थी.
हमारी पहली असफल चुदाई के बाद वो वहां से चली गई.

फिर एक महीने बाद हम दोनों दूसरी बार एक अलग खेत में मिले.
इस बार वो खुद चुदासी थी और उसने सुनसान इलाके वाले खेत को चुना था.

वो आते ही मेरी बांहों में समा गई.
मैंने उसे चूमा तो वो भी मेरे होंठों से लग गई.

हम दोनों मस्ती से किस का मजा लेने लगे.
उसके बाद वो बोली- खेत में अन्दर चलो.

मैं उसे फसल के बीच में ले गया.
उधर एक साफ़ सी जगह देख कर वो रुक गई. उधर जरा सी जगह में फसल नहीं उगी थी. शायद वो ऊसर जगह थी.

हम दोनों ने उधर अपना खेल शुरू किया.
वो उस दिन पूरा मन बना कर आई थी.

मैंने कहा- कपड़े उतार कर मजा लेंगे.
वो बोली- ठीक है.

मैंने उसके कपड़े उतार दिए.
वो नंगी हो गई तो बड़ी मस्त माल लग रही थी.

मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और उसके मम्मे मसलना शुरू कर दिए.

मैं उसके एक दूध को दबा कर चूसने लगा.
वो मादक सिसकारियां लेने लगी.

कुछ देर बाद मैंने उसे नीचे लिटाया और उसकी चूत में लंड पेल दिया.
वो भी मस्ती से चुदने लगी.

उस दिन मैंने उसको जमके चोदा, लगातार आधा घंटा तक चोदा.
जोरदार चुदाई में तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी.

उसके बाद हमने कई बार चुदाई की पर उसने कभी भी चूत में पानी गिरने नहीं दिया क्योंकि जब वो एक बार से ज्यादा झड़ जाती थी तो उठ कर निकल जाने लगती.
वो लंड अन्दर डालने ही नहीं देती … पता नहीं क्यों.

फिर मुझे बचा हुआ हाथ से हिला कर निकालना पड़ता था.
मैंने उसको लंड भी मुँह में दिया है, उसकी चूत भी चाटी है.

मुझे थोड़ा वाइल्ड सेक्स पसंद है.
वो अब ज्यादा नखरे करती है, उसको लगता है कि उसकी चूत ढीली हो रही है.
उसने मुझसे चुदना बंद सा कर दिया है.

अब मुझे चूत की चाहत लग चुकी है पर मेरे पास अभी के लिए कोई दूसरी चूत नहीं है.
पड़ोस वाली भाभी को पटाने की कोशिश कर रहा हूँ, जब वो सैट हो जाएगी तब उसकी चुदाई की कहानी लिखूँगा.

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