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ट्रेन में मिली भाभी ने दारू पीकर सेक्स किया 2

सेक्सी लेडी  कहानी में पढ़ें कि ट्रेन में मिली भाभी मुझे घर ले गयी. हम दोनों खुल गए और सेक्स की बातें होने लगी. उसके बाद भाभी ने मेरे लंड का पूरा मजा लिया.

दोस्तो, मैं राज एक बार पुन: अपनी सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग ट्रेन में मिली भाभी मुझे अपने घर ले गयी में अब तक आपने पढ़ा था कि ट्रेन में मिली भाभी जी मुझे घर ले गई थीं और उधर हम दोनों दारू पीकर मेरी जॉब लगने की पार्टी एन्जॉय कर रहे थे. उसी में भाभी ने मुझसे कुछ ऐसा कह दिया था कि मुझसे रुका नहीं गया.

अब आगे सेक्सी लेडी  कहानी:

मैंने भाभी के हाथ से सिगरेट लेकर दूर फेंक दी और भाभी को हवस भरी नजरों से देखने लगा.
भाभी भी मुझको वासना से देख रही थीं.

मैंने देर ने करते हुए भाभी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
शायद भाभी को भी इसी का इंतजार था. भाभी मेरा पूरा साथ देने लगीं.

काफी देर किस करने के बाद मैंने भाभी को गर्दन पर से चूमना शुरू कर दिया.
भाभी भी अपने होंठों को दबा कर मजे लेने लगी और ‘ओह आअह राज …’ कहती हुई मस्ती में सिसकारियां लेने लगीं.

मैं- भाभी …. जब मैंने आपको पहली बार देखा था, तभी चोदने का मन बना लिया था और आपके नाम की एक बार ट्रेन में मुट्ठी भी मार कर आया था.

भाभी- मैं भी तुमको देख कर समझ गई थी. जब ट्रेन में ही तुम मेरी चूचियों को घूर रहे थे. इसी लिए मैंने तुमको अपने घर पर रुकने के लिए बोला था. मैं भी तुमसे चुदना चाहती थी. मैं तो कल ही तुम्हारा लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी लेकिन तुमको ही कुछ समझ में नहीं आया था.

मैं- कोई बात नहीं भाभी, अब तो समझ गया हूँ. आपकी चूत में लंड डाल दूंगा.
भाभी- हां राज, आज पूरी रात अपनी बना कर चोदो मुझको … तुम्हारे भैया भी मुझको सुख नहीं दे पाते हैं. आज तुम मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बना कर चोदो.

मैंने भाभी की ब्रा के ऊपर से ही भाभी के बूब्स दबाने शुरू कर दिए और उनको किस करने लगा.
भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं और मेरे लंड को ऊपर से ही मसल रही थीं.
मेरा लंड पूरी तरह टाईट हो चुका था.

फिर मैंने भाभी की ब्रा उतार दी और भाभी के चूचों को मसलने और चूसने लगा.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.

और भाभी को भी मजा आ रहा था.
वो मेरा सर पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबा रही थीं और बोल रही थीं- ओहह राज … प्लीज़ चूसो इनको … आह पूरा चूस जाओ आज … आह्ह्ह उह्ह्ह राज.

मैंने भाभी की छोटी सी कच्छी को भी उतार कर अलग कर दिया जिससे उनकी चूत मेरे सामने थी.
भाभी की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी.

मैंने भाभी की ब्रा से उसको साफ कर दिया. भाभी की चूत एकदम चिकनी थी, जिस पर एक भी बाल नहीं था. शायद भाभी ने आज ही झांटें साफ़ की थीं.

मैंने भाभी के पैरों को पकड़ कर थोड़ा खोला, जिससे भाभी की चूत की फांक भी खुल गई.
मैंने अपनी जीभ को भाभी की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया. मेरे इस हमले से भाभी एकदम से सिहर गईं.

भाभी- ओहह राज आह्ह आअह राज आहह चूसो आह्ह् राज चूसो और चूसो.

ये कहते हुए भाभी मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगीं, जिससे मेरा मुँह भाभी की चूत में घुस गया.
मैंने अपनी जीभ को भाभी की चूत में अन्दर तक डाल दिया और आगे पीछे करने लगा.

भाभी पागल हुई जा रही थीं और कामुक सिसकारियां भरने लगी थीं.
वो मेरे बाल सहलाती हुई बोलीं- आज राज चूसो … आज तक तुम्हारे भैया ने इसको कभी नहीं चूसा … आह तुम कितने अच्छे से चूसते हो … आह बस ऐसे ही चूसते रहो … और इसका सारा पानी निकाल कर पी जाओ … आह चूसो राज.

मैंने भाभी की चूत को अपने मुँह में भर लिया और ऐसे चूसने लगा, जैसे चुस्की को चूसते हैं.

इससे भाभी की जान निकलने लगी. वो अपनी गांड को उठा उठा कर अपनी चूत को मेरे मुँह में भरने लगीं.
भाभी बोलीं- आह मादरचोद … खा जाओ राज इसको … और चूसो भोसड़ी के ओहह … आआह.

भाभी ने गाली देना शुरू की, तो मैंने उनका एक दूध पकड़ कर मसलते हुए उनकी चूत को भयानक तरीके से चूसना चालू कर दिया.
इससे भाभी झड़ने को हो गईं और कराहने लगीं- आअह आह्ह राज … मैं गई अहह राज.

भाभी ने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में दबा दिया और अपने दोनों पैरों के पंजों पर खड़ी होकर मुझे दबोच सा लिया.
वो ‘अअह अअह्ह्ह अहह राज …’ करती हुई मेरे मुँह में ही झड़ गईं और हांफने लगीं.

मैं भाभी के सारे रस को पी गया और उनकी चूत को चाट चाट कर साफ कर दिया.
थोड़ी देर बाद भाभी उठीं और मुझे किस करती हुई बोलीं- ओह राज, मुझको आज तक इतना मजा नहीं आया, जितना तुमने मुझको आज दिया है. आओ लव यू राज!

वो मुझको किस करने लगीं और मेरे लंड को ऊपर से ही सहलाने लगीं.
मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था.

भाभी ने पहले मेरी टी-शर्ट उतार कर मेरे सीने पर किस किया और फिर एक ही झटके में मेरा बॉक्सर उतार दिया.
वो मेरे लंड को सहलाने लगीं और किस करने लगीं.

फिर भाभी ने मुझको खड़ा किया और खुद नीचे बैठ कर मेरे लंड को सहलाने लगीं और किस करने लगीं.

भाभी ने मेरे अंडरवियर को भी उतार दिया, जिससे मेरा लंड एकदम से भाभी की आंखों के सामने आ गया.
लंड खड़ा होकर भाभी को सलाम कर रहा था.

भाभी मेरे लंड को देखती ही रह गईं.
मेरे 7 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लंड को देख कर बोलीं- इतना बड़ा!

मैंने कहा- मतलब?
भाभी बोलीं- राज, इतना बड़ा लंड तो तुम्हारे भैया का भी नहीं है. उनका तो छोटा सा है, जिससे मैं पूरी तरह खुश नहीं हो पाती हूं. पर इसको देख कर लगता है कि ये मुझको न केवल खुश कर देगा बल्कि मेरी चूत का भोसड़ा भी बना देगा.

भाभी मेरे लंड को हाथ में ले कर सहलाने लगीं और आगे पीछे करने लगीं, जिससे मुझको बहुत मजा आ रहा था.

फिर भाभी ने मेरे लंड को पीछे की तरफ किया और मेरे लंड के सुपाड़े पर अपनी जीभ फिराने लगीं.
मेरी आंखें बंद होने लगीं- ओह भाभी आह भाभी!

भाभी- क्या हुआ राज … मेरा लंड चूसना अच्छा नहीं लग रहा क्या?
मैं- नहीं भाभी, मुझको तो बहुत अच्छा लग रहा है. ऐसा मन कर रहा है कि बस आप हमेशा मेरा लंड चूसती रहो.

इस पर भाभी थोड़ा सा मुस्कुरा दीं और फिर से मेरे लंड को चूसने में लग गईं.
आह क्या मजा आ रहा था. भाभी बहुत अच्छे से लंड चूस रही थीं. जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप चूसता है.

पूरा लंड अन्दर तक लेकर भाभी मेरे हथियार को चूस रही थीं और जीभ फिरा रही थीं, बीच बीच में हल्के से काट भी लेती थीं, जिससे मेरी एकदम से अह्ह निकल जाती थी.

मैं- भाभी आप बहुत अच्छा लंड चूसती हो!
भाभी- हां, तुमने भी तो मेरी चूत को बहुत अच्छा से चूसा था. मैं भी तुम्हारे लंड को अच्छे से चूसूंगी और तुम्हारा माल भी खा जाऊंगी.
भाभी जोर जोर से चूसने लगीं.

मैं- ओह भाभी आह आह भाभी आअह मैं गया … आह.
मैंने भाभी के बालों को पकड़ कर उनके मुँह को धकाधक चोदने लगा.

कुछ ही देर में मैंने भाभी का मुँह अपने लंड के पानी से भर दिया जिसे भाभी पूरा गटक गईं और उन्होंने मेरे लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया.

हम दोनों सोफे पर बैठ कर हांफने लगे और अपनी सांसों को कंट्रोल करने लगे.

फिर मैंने एक छोटा सा पैग बनाया.
भाभी ने अपने लिए भी बनाने का कह दिया.

हम दोनों ने अपना अपना पैग पिया और मैंने सिगरेट लगा ली.

भाभी उठीं और मेरी गोदी में आकर बैठ गईं.
वो मेरे सीने से चिपक कर बोलीं- राज आई लव यू.

भाभी को मैंने भी लव यू टू बोला और सिगरेट भाभी को पकड़ा दी.

मैंने भाभी को अपनी गोदी में से उठने के लिए बोला, तो भाभी बोलीं- क्या हुआ?
तब मैंने कहा- कुछ नहीं, उठो तो सही.

भाभी उठ गईं.
मैंने भाभी को फिर से अपनी गोदी में बैठा लिया.
भाभी की कमर अब सही से सैट हो गई थी.
हम दोनों का फेस सामने की तरफ था.

मैं भाभी के पेट पर हाथ फिराने लगा और बोला- क्या भैया भी आपको ऐसे ही प्यार करते हैं?
इस पर भाभी बोलीं- तुम्हारे भैया को प्यार करना ही नहीं आता. वो आज तक मुझको खुश नहीं कर पाए हैं … और ना ही उनका तुम्हारे जितना बड़ा है. न ही वो ज्यादा देर टिक पाते हैं.

भाभी सिगरेट पीती हुई मेरी तरफ देखा और सिगरेट मुझे पकड़ाने लगीं, पर मैंने पीने से मना कर दिया.
भाभी की दोनों चूचियों को पकड़ कर सहलाने लगा और दबाने लगा.

भाभी की आंखें बंद होने लगीं.
मैंने भाभी की गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और बूब्स जोर जोर से दबाने लगा.

फिर मैं एक हाथ से भाभी की चूत को सहलाने लगा, जिससे भाभी को ज्यादा मजा आने लगा.
वो सिसकारियां लेने लगीं- ओह्ह राज आह्ह!
साथ ही भाभी भी मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगीं.

करीब दो तीन मिनट तक ऐसे ही चलता रहा.

भाभी बोलीं- ओह राज, अब मत तड़पाओ … प्लीज़ अब डाल दो अपने लंड को मेरी चूत के अन्दर और बुझा दो इसकी प्यास को!

मैंने भी देर ना करते हुए भाभी को खड़ी कर दिया और सोफे पर बैठा कर उनकी दोनों टांगों को ऊपर हवा में उठा दिया.
भाभी की चूत एकदम ऊपर की तरफ आ गई.

मैंने अपनी जीभ भाभी की चूत पर घुमाना शुरू कर दी.
भाभी- ओहह राज क्या कर रहे हो, अब मत तड़फाओ … डाल दो अपना लंड मेरी चूत में. अब तुम्हारे लंड के बिना नहीं रहा जा रहा है.

मैंने अपने लंड को भाभी की चूत पर सैट किया और हल्का सा झटका मारा.
इससे मेरे लंड का टोपा भाभी की चूत के अन्दर चला गया.

भाभी- उहह उआह्ह आआह्ह्ह राज आराम से … बहुत मोटा है तुम्हारा लंड … आराम से करो ना आह.

कुछ पल रुक कर मैंने लंड को हल्के से बाहर निकाला और जोर से एक झटका दे मारा जिससे मेरा लंड भाभी की चूत को फाड़ता हुआ आधा अन्दर चला गया.
भाभी की चूत बहुत टाइट थी.

वो जोर से चिल्लाने लगीं- आआ आह राज मर गई अअहह … आहह बाहर निकालो इसको … बहुत दर्द हो रहा है … मेरी चूत फट गई … निकालो जल्दी से … आह अअहह आअह राज निकालो.
मैंने भाभी के दर्द को बिना देखे अपने लंड को हल्के से बाहर निकाला और तुंत ही एक और जोर का झटका दे मारा.

इस बार मेरा पूरा लंड भाभी की चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.
भाभी जोर जोर से चिल्लाने लगीं और रोने लगीं- उहह आह मर गई साले … आह फाड़ दी मादरचोद … ऊऊऊ ऊऊ आहह आह राज आह निकालो बाहर भोसड़ी के … मुझे बहुत दर्द हो रहा है … मेरी चूत फट गई बाहर निकालो जल्दी से आह्ह्ह मम्मी फट गई आहह!

मैं ऐसे ही भाभी के ऊपर लेटा रहा और उनके चूचों को चूसने लगा.

कुछ देर में भाभी नॉर्मल हो गईं और नीचे से अपनी गांड उठा कर हिलाने लगीं.

मैंने भी धीरे धीरे झटके देना शुरू कर दिए, जिससे भाभी को मजा आने लगा.

भाभी भी कामुक सिसकारियां लेने लगीं- उहह राज अअहह चोदो उह्ह आआ आहह राज चोदो … और चोदो अह्ह राज आहह अहह अन्दर तक झटके मारो … और जोर से चोदो अअह्ह अअहह और जोर से राज आहह अहह उउच्छ राज यस उओह्ह्ह यस राज आअह और जोर से चोदो … फाड़ दो मेरी चूत को अपने लंड से … ओह फाड़ो राज फाड़ो … अहह चोदो और जोर से चोदो राज … आज अपनी भाभी की चूत का भोसड़ा बना बना दो … तुम्हारे भाई से कुछ नहीं होता इसका … तुम चोद चोद कर भोसड़ा बना दो इसका!

मैं भी लंड पेलता रहा.
भाभी मस्त हो गई थीं और हवा में टांगें उठा कर मत झटके ले रही थीं.

फिर मैंने भाभी से लंड पर बैठने के लिए बोला.
भाभी एकदम से तैयार हो गईं और मेरे लंड पर बैठ कर उछलने लगीं.

भाभी- आहह राज … मुझको तुम्हारे लंड से चुदने में बहुत मजा आ रहा है … आह बहुत दिनों बाद मुझको ऐसा लंड मिला है … वरना मुझको हाथ से काम चलाना पड़ रहा था. आह आज ऊपर वाले ने मेरी सुन ली जो मेरे नीचे इतना बड़ा लंड घुसा हुआ है.

भाभी जोर जोर से उछलने लगीं और उनकी चूचियां मुझे मसलने में मजा आने लगा.

फिर भाभी ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और आवाजें तेज करने लगीं- उहह उहह आहह राज आहह राज आह अअहह राज सम्हालो मुझको … आह मैं गई आअहह ऊईईई मां ऊऊऊ ऊऊऊ राज आह!
भाभी ने मुझको जोर से पकड़ लिया और तेज तेज उछलने लगीं.

मैं समझ गया कि भाभी अब झड़ने वाली हैं.
मैंने भी नीचे से झटके लगाने शुरू कर दिए.

कुछ ही देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए.
भाभी मेरे ऊपर ऐसे ही पड़ी हुई हांफने लगीं.
वो निढाल लेटी रहीं और मुझको किस करने लगीं.

कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए.
भाभी बोलीं- चलो राज, नहाते हैं और खाना खाते हैं.

हम दोनों नहाने के लिए चल दिए.
मैं भाभी को अपनी गोदी में उठा कर बाथरूम तक ले गया और शॉवर चालू कर दिया.

हम दोनों शॉवर के नीचे खड़े होकर नहाने लगे.

भाभी किस करने लगीं जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मैंने भाभी को अपनी घोड़ी में उठा कर बाथरूम में ही भाभी की चुदाई कर डाली और हम दोनों नहा कर बाहर आ गए.

फिर भाभी ने खाना लगाया और हम दोनों ने एक साथ खाना खाया.
भाभी मेरी गोदी में ही बैठ कर खाना खा रही थीं, हम दोनों बिल्कुल नंगे थे.

खाना खत्म होने के बाद में अपने रूम में जाने लगा तो भाभी बोलीं- राज आज मेरे पास ही सो जाओ. तुम कल चले जाओगे. प्लीज़ मेरे साथ ही सो जाओ.

मैं भाभी के कमरे में जाने लगा.
तो भाभी बोलीं- मुझको कौन लेकर जाएगा? तुम जैसे मुझको यहां तक लाए हो, ऐसे ही अब मेरे रूम में लेकर भी चलो.

मैंने भाभी को अपनी गोदी में उठाया और कमरे में लेकर आ गया.

हम दोनों बिना कपड़ों के ही लेटे थे.
भाभी ने मेरे हाथ को पकड़ा और अपने पेट पर फेरने लगीं.

मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.
भाभी बोलीं- ये तो फिर से खड़ा होने लगा?

मैंने बोला- क्या करूं, जब इतनी हॉट लड़की साथ में नंगी लेटी हो, तो किसी का भी खड़ा हो जाएगा.
इस पर भाभी मुस्कुरा दी और मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगीं.

भाभी मेरे लंड से पूछने लगीं- क्या हुआ, अभी तक मन नहीं भरा है क्या … जो दुबारा खड़े होने लगे हो?

वो अपनी चूत की तरफ देखती हुई बोलीं- देखो, तुमने इसकी क्या हालत कर दी है? और तुम अब भी नहीं मान रहे हो.

इतना कह कर भाभी ने मेरे लंड को मुँह में भर लिया और चूसने लगीं.
फिर मैंने भाभी को 69 की पोजिशन में किया.

अब भाभी मेरा लंड चूस रही थीं, मैं भाभी की चूत को चाट रहा था और बीच बीच में भाभी की चूत में जीभ डाल देता, जिसमें से निकले रस को मैं चाट लेता था.

नीचे भाभी मेरे लंड को हल्के से काट कर उस पर अपनी मस्ती निकाल दे रही थीं.

दस मिनट की चुसाई के बाद मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया और लंड को उनकी गांड पर फिराने लगा.

इस पर भाभी बोलीं- क्या कर रहे हो राज?
मैंने बोला- कुछ नहीं … अब मैं आपकी गांड मारूंगा.

भाभी बोलीं- नहीं राज. मैंने कभी अपनी गांड नहीं मरवाई है. सुना है गांड में बहुत दर्द होता है. गांड मत मारो प्लीज़ … चूत मार लो.
मैं भी अपनी जिद पर अड़ गया कि गांड मारनी है मुझको!

इस पर भाभी बोलीं- ठीक है, पर अभी नहीं. जब तुम घर से वापिस आओगे तब मार लेना … पक्का मैं कुछ नहीं बोलूंगी.
मैं भी मान गया और मैंने अपना लंड भाभी की चूत पर सैट कर दिया.

एक ही झटके में पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया जिससे भाभी एकदम सिहर उठीं- उहह राज आराम से बहुत बड़ा है तुम्हारा लंड … एक झटके में चूत में पूरा मत पेला करो यार!

मैंने ओके बोल कर झटके मारने शुरू कर दिए.
कुछ देर बाद मैंने भाभी के बालों को पकड़ा और चुदाई शुरू कर दी.

मैं जोर जोर से झटके मारने लगा.
मेरे हर झटके पर भाभी की चूचियां हिल जाती थीं और भाभी आगे को हो जाती थीं.

मैं जोर जोर से भाभी की चूत में लंड पेलता रहा और भाभी भी बड़े मजे के साथ लंड लेती रहीं.

सेक्सी लेडी बातें बोलने लगी- यस राज चोदो मुझे … बहुत अच्छा चोदते हो तुम … आह और जोर से चोदो राज. अपने लंड से मेरी चूत को फाड़ डालो … अअह राज … आज अपनी भाभी की चूत को फाड़ दो … इसका भोसड़ा बना दो आह्ह्ह.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं भाभी की चूत में ही झड़ गया और भाभी के ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और फिर हम दोनों बिना कपड़ों के ही चिपक कर सो गए.
सुबह जब मैं उठा तो मैंने भाभी को एक बार और चोदा.
फिर मैं ट्रेन पकड़ कर घर आ गया.

मैं दो दिन बाद गया और भाभी की गांड मारी.
अगली सेक्स कहानी में मैं बताऊंगा कि मैंने भाभी की गांड और चूत दोनों कैसे मारीं.

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